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  1. फरिछाक देखू सभटा नाताक बिस्तारमे
    निःस्वार्थ भेटत भाई बहिनेक संसारमे

    कतबो करत अपनामे झगड़ा लड़ाई मुदा
    छल नै रहत कनियो ककरो डांट फटकारमे

    अनमोल बन्धन थिक ई एहन सिनेहक अटल
    पाएत नै केओ भगवानोक दरवारमे

    राखीक धागा छी बहिनक आश विश्वास यौ
    आशीष पाबै छै भाई जैसँ उपहारमे

    ईवर दए हमरा कुन्दन सभ जनममे बहिन
    जिनगी बितै नै कहियो बिनु नेह अन्हारमे

    मात्राक्रम : 221-222-2221-2212

    © कुन्दन कुमार कर्ण
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  3. गजल

    Thursday, August 27, 2015

    कली त खिलल मुदा फुला नै सकल
    हृदयसँ गुलाब बनि लगा नै सकल

    वसंत बहार सन पहर छल मुदा
    सिनेहसँ बाग ओ सजा नै सकल

    कथीक कमी छलै हमर नेहमे
    खुशीसँ किएक ओ बता नै सकल

    बताह बनाक छोडि हमरा चलल
    पियास हियाक ओ बुझा नै सकल

    नसीब हमर खराब कुन्दन छलै
    हिया त मिलल अपन बना नै सकल

    मात्राक्रम : 12112-1212-212

    © कुन्दन कुमार कर्ण
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  4. जहिना दीपमे तेल जरूरी हए छै
    तहिना नेहमे मेल जरूरी हए छै

    जितबा लेल जिनगीक जुआमे मनुषकेँ
    अपने किस्मतक खेल जरूरी हए छै

    नेहक बाटपर जाइ बड़ी दूर तेहन
    विश्वासक चलब रेल जरूरी हए छै

    हितमे काज केनाइ समाजक असलमे
    लोकप्रिय बनै लेल जरूरी हए छै

    बिनु संघर्ष जिनगीक मजा कोन कुन्दन
    कहियो काल किछु झेल जरूरी हए छै

    मात्राक्रम : 2221-221-122-122

    © कुन्दन कुमार कर्ण
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  5. करितै नेह जँ केओ अथाह हमरो
    रहितै मोन खुशीमे बताह हमरो

    नेही एक बनी हमहुँ साँच ककरो
    अछि जिनगीक रहल आब चाह हमरो

    बनि घटवाह निमन भेट जाइ संगी
    हेतै पार सफलताक नाह हमरो

    कविता गीत गजल आ अवाज सुनिते
    कहितै लोक जखन वाह वाह हमरो

    मिलिते आइ नजरि ओकरासँ कुन्दन
    मोने मोन भऽ गेलै निकाह हमरो

    मात्राक्रम : 2221-122-121-22

    © कुन्दन कुमार कर्ण
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  6. ओकर यादक आइ फेरो विर्रो उठल हियामे
    उडिया गेलौं हम बिहारि प्रेमक बहल हियामे

    जादू मौसमकेँ असर केलक मोन पर हमर जे
    आस्ते–आस्ते दर्द मिठगर नेहक बढल हियामे

    अन्चोकेमे चान दिस ई चंचल नजरि कि गेलै
    छल पूनमकेँ राति सूरत ओकर सजल हियामे

    जा धरि ठठरी ठार रहतै मरिते रहब अहाँपर
    खाइत शप्पत हम कहै छी प्रिय ई गजल हियामे

    मोनक सेहन्ता हमर छल ललका गुलाब कुन्दन
    ककरा सभ किछु भेटलै ऐठाँ जे रहल हियामे

    मात्राक्रम : 2222-2122-2212-122

    © कुन्दन कुमार कर्ण
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