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  1. गजल

    Friday, September 2, 2016

    कर्ममे एना रमा जाउ संगी
    स्वर्गमे सिड़ही लगा जाउ संगी

    भेटलै ककरा कथी मेहनत बिनु
    बाट गन्तव्यक बना जाउ संगी

    नै घृणा ककरोसँ नै द्वेष राखू
    नेह चारु दिस बहा जाउ संगी

    चित्तमे सुनगत अनेरो जँ चिन्ता
    धूँइयामे सब उड़ा जाउ संगी

    ठेस लागल ओकरे जे चलल नित
    डेग उत्साहसँ बढा जाउ संगी

    किछु करु हो जैसँ कल्याण लोकक
    नाम दुनियामे कमा जाउ संगी

    ओझरी छोड़ाक जिनगीक आबो
    संग कुन्दनके बिता जाउ संगी

    फाइलुन–मुस्तफइलुन–फाइलातुन

    © कुन्दन कुमार कर्ण
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  2. Poem : I like you

    Thursday, July 14, 2016

    You can't imagine
    My intrinsic sensation
    The wave of your desire
    Is on fire
    Every breath I take
    Every move I make
    You always with me
    I wish you would have known
    The story of my discomfort
    The State of my loneliness
    But,
    What can I do
    Now that
    My heart isn't in control of itself
    Then
    How to win your heart
    Perhaps
    It's impossible for me
    But nevertheless
    I'm looking to continue
    This series of affection
    Without your any action
    Even
    I don't know
    Whatever you are
    Good or bad
    Honest or mad
    I just know
    A thing about you
    From the bottom of my heart
    I like you
    I like you
    I like you

    © Kundan Kumar Karna
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  3. Ghazal

    Monday, June 27, 2016

    You stole my heart at a glance
    Picture source - google
    To enter in your heart, give me a chance

    Smiling is the first step to enter into heart
    So, pass this step within love circumstance

    My feeling and affection are inviting you
    I think these are all definitely acceptance

    Rainy is the season that exciting me
    My heart began to saw you dance and dance

    Darling, you hold me in your cool arm
    Come on and fall with me in romance

    © Kundan Kumar Karna
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  4. Ghazal

    Wednesday, June 22, 2016

    My heart is on fire
    Because of your desire

    Forgone is the food
    Forgotten are attire

    You are the pearl
    And the golden sapphire

    Aspires all the senses
    To make it square

    Affection continues for sure
    Till the moment of pyre

    Love addicts in my vein
    Going to be higher

    I am incomplete soul
    Only you can make me entire

    If I get you for forever
    Then what else is the require

    These words are my feelings
    Don't understand fake admire

    [couplets 2,3,4 and 5 are created by Rajeev Ranjan Mishra sir and remaining by me]
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  5. बाल गजल

    Thursday, May 19, 2016

    फूल पर बैस खेलै छै टिकली
    डारि पर खूब कूदै छै टिकली
    Picture - www.google.com

    भोर आ साँझ नित दिन बारीमे
    गीत गाबैत आबै छै टिकली

    लाल हरिअर अनेको रंगक सभ
    देखमे नीक लागै छै टिकली

    पाँखि फहराक देखू जे उडि-उडि
    दूर हमरासँ भागै छै टिकली

    नाचबै हमहुँ यौ कुन्दन भैया
    आब जेनाक नाचै छै टिकली

    मात्रक्रम : 212-2122-222

    © कुन्दन कुमार कर्ण

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  6. गजल

    Tuesday, May 10, 2016

    जनतन्त्रमे जन राज्यसँ डेरा रहल छै                                    
    अपने चुनल सरकारसँ पेरा रहल छै

    कानूनमे अधिकार मुदा काजमे नै
    स्वतन्त्रता अभ्याससँ हेरा रहल छै

    ठेकान नै कुर्सीक कखन के लऽ जेतै
    सत्ताक भागी जल्दिसँ फेरा रहल छै

    अन्याय अत्याचारसँ पीडित गरीबे
    नेताक चक्रव्यूहसँ घेरा रहल छै

    ककरासँ जनता आब करत कोन उल्हन
    रक्षक सभक बन्दूकसँ रेरा रहल छै

    सेनूर मेटा गेल कतेकोक कुन्दन
    सरकार नै लोकसँ टेरा रहल छै

    2212-221-122-122

    © कुन्दन कुमार कर्ण

    www.kundanghazal.com


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  7. हम नै आलोचक छी । नै समालोचक छी । आ हुनका सभहँक जागिर सेहो छिनऽ नै चाहै छी । तथापि एकटा सर्जककेँ हिसाबसँ मैथिल साहित्यक चर्चित नाऔं सियाराम झा 'सरस' जीक लिखल गजल संग्रहपर संक्षेपमे आइ किछु चर्चा करऽ चाहब ।

    तँ पहिने सरला प्रकाशनद्वारा सन् 1989 मे प्रकाशित कएल गेलह हुनक गजल संग्रह "शोणितायल पैरक निशान"के देखि-

    एहि संग्रहमे कुल ४८टा गजल छै । जकरा आजाद गजलक श्रेणीमे राखि पढल जा सकैछ । किछु गजल भावक दृष्टिकोणे तँ महत्वपूर्ण छहिए किछु शेर सेहो हृदयकेँ छूअवला छै । जेना बतीसम् गजलक ई मतला देखू-

    फूलवन मे एक भँवरा युग युग सँ रहए पियासल
    जनु भोजक खास भडारी रहि जाय निखण्ड उपासल

    पोथीमे 'गजले किएक ?' विषयपर 6 पेज खर्च कए लिखल गेल छै मुदा 'गजले किएक ?' तकर तथ्यपरक तर्क नै भेट सकल ।

    बहरक निर्वहन तँ दूरक बात संग्रहक अधिकांश गजलमे गजलक आधारभुत निअम पालन नै कएल गेल छै । जेना गजल संख्या 2, 3, 8, 11, 14, 15, 18, 21, 23, 24, 25, 26, 27, 30, 35, 36, 45, 46, 47, 48 लगायतके गलजमे काफिया दोष तँ छहिए, बहुत रास गजलमे काफिया आ रदिफक ठेकान नै । ढेर रास शेरकेँ अर्थ सेहो अस्पष्ट बुझाइत । जेना तीसम् गजलक ई मतला देखू-

    भूमि डोलल तँ बहुत किछु डोलल
    भूमि डोलल तँ कहाँ किछू डोलल

    कहब कने नीक नै लागत मुदा गजलक नामपर गजलक मजाक उडाएल जकाँ बुझाएत । तखन एकरा गजल संग्रह कहनाइपर प्रश्नचिन्ह लागि रहल छै । संगे शाइर गजलक विविध पक्षक सम्बन्धमे अनभिज्ञ रहल बात उजागर होइ छै ।

    तेनाहिते नव आरम्भ प्रकाशनद्वरा सन् 2008 मे प्रकाशित हुनके गजल संग्रह 'थोडे आगि थोडे पानि'मे सेहो एहने गल्ती सभ दोहराएल भेटत ।
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  8. गजल

    Monday, May 2, 2016

    बिनु पुछने हृदयसँ ककरो लगाबऽ चलल छलौँ हम
    अनचिन्हार गाममे घर बनाबऽ चलल छलौँ हम

    कारोबार एहि जिनगीक सुखसँ चलाबऽ खातिर
    नेहक लेल मोल अपने घटाबऽ चलल छलौँ हम

    चिन्हब लोककेँ कठिन अछि भरमसँ भरल जगतमे
    बुझि कांटेक फूल हियामे सजाबऽ चलल छलौं हम

    अपनो छाहपर जखन नै भरोस रहल मनुषकेँ
    दोसरकेँ तखन हियामे बसाबऽ चलल छलौं हम

    भगवानक दयासँ कुन्दन कपार हमर सही छल
    अपने घेंचकेँ अनेरो कटाबऽ चलल छलौं हम

    2221-2122-12112-122

    © कुन्दन कुमार कर्ण
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  9. 24 अप्रिल, 2016
    लोकप्रिय मैथिली कार्यक्रम हेलो मिथिलामे संचालक एवं प्रसिद्ध साहित्यकार श्री धीरेन्द्र प्रेमर्षि जीक संग
    कान्तिपुर एफ‍.एम.के स्टूडियोमे लेल गेल तस्वीर । कार्यक्रममे मैथिली गजलक विविध पक्षपर चर्चा परिचर्चा भेल ।




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  10. गजल

    Thursday, March 10, 2016

    Tirhuta Lipi

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  11. रे हिया हमरा एतेक मजबूर नै कर
    चाहमे ककरो हमरेसँ तूँ दूर नै कर

    एकटा कित्ता अछि मोन सौँसे हमर ई
    बाँटि टुकड़ी-टुकड़ीमे अलग धूर नै कर

    काँच कोमल आ नवका जुआनी चढल छै
    आगि यादक यौवनमे लगा घूर नै कर

    एक त प्रेमक खातिर पिआसल रहै छी
    ताहि पर आरो उकसाक आतूर नै कर

    भागमे ककरा कुन्दन लिखल सब रहै छै
    कल्पनामे डुबि एना मोनके झूर नै कर

    212-2222-122-122

    © कुन्दन कुमार कर्ण
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  12. 22 फरवरी, 2016 के रेडियो नेपालमे प्रत्यक्ष प्रसारित हमर अन्तरवार्तासँ सम्बन्धित किछु चित्र




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