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  1. गजल

    Monday, February 22, 2021

    मैथिली गजल


  2. ई दुनियाँ ककरो नै छियै
    जे रचलक तकरो नै छियै

    फँसि गेलै अपने जालमे
    प्राणी ओ मकरो नै छियै

    सुनिते खन नै आबै मजा
    फकरा से फकरो नै छियै

    सिंहासन चाही ओकरो
    जनता सब जकरो नै छियै

    तलवारक बल पर छै पकड़
    कलमक सन पकड़ो नै छियै

    222-222-12

    © कुन्दन कुमार कर्ण

  3. गजल

    Sunday, January 3, 2021

    मैथिली गजल
    मैथिली गजल


  4. साँच बजलासँ मारल गेलियै 
    देश दुनियाँसँ बारल गेलियै 

    स्वार्थ जेना सफल भेलै जकर 
    तकरा लग तेना धारल गेलियै 

    ओकरा जीतकें छल लोलसा 
    ओकरे लेल हारल‌ गेलियै 

    फूल फल आ हवा देलौं मुदा 
    जड़िसँ हमहीं उखारल गेलियै 

    नग्नकें बीच 'कुन्दन' वस्त्रमे 
    दोषी देखा उघारल गेलियै 

    2122-122-212 

    © कुन्दन कुमार कर्ण