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नवंबर, 2015 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

विशेष

प्रदेश-2 में फिर उपजा भाषा विवाद (हिन्दी अनुवाद)

केंद्र में सरकार बदलने से प्रदेश 2 भी अछूता नहीं रहा। परिणामस्वरूप, एक मंत्री और एक राज्य मंत्री के साथ नेकपा माओवादी (केंद्र) भी सरकार में शामिल हो गयी। माओवादी केंद्र की ओर से भरत साह ने आंतरिक मामला और संचार मंत्री के रूप में शपथ ली और रूबी कर्ण ने उसी मंत्रालय में राज्य मंत्री के रूप में शपथ ली। इससे पहले दोनों मंत्रियों ने अपनी मातृभाषा मैथिली में शपथ लेने का स्टैंड लिया था। पद की शपथ लेने के तुरंत बाद उन्होंने अफसोस जताया कि कानून में कमी के कारण वे अपनी मातृभाषा मैथिली में शपथ नहीं ले सके और कहा कि शपथ की भाषा पर असहमति के कारण शपथ ग्रहण समारोह में देरी हुई। लेकिन शपथ लेने के तुरंत बाद उन्होंने मातृभाषा में शपथ लेने पर अध्यादेश लाने की प्रतिबद्धता भी जताई। दोपहर तीन बजे दोनों मंत्रियों का शपथ ग्रहण होना था। लेकिन भाषा विवाद के चलते यह कार्यक्रम दोपहर 4 बजे शुरू हो सका। इनलोगों ने मैथिली भाषा में लिखा एक प्रतीकात्मक शपथ पत्र भी प्रदेश 2 के प्रमुख राजेश झा को सौंपा था। मातृभाषा मैथिली के प्रति प्रेम और स्नेह को लेकर प्रदेश 2 में चर्चा में आए मंत्री साह ने एक सप्ताह पहले एक कार्यक्

मैथिली साहित्यिक गोष्ठी

काठमाण्डू, ०७ नोभेम्बर, २०१५  "वर्तमान राजनीतिक सन्दर्भ आ मैथिलीक भविष्य" विषय पर प्राज्ञ रमेश रञ्जन झा जीक अध्यक्षता आ प्रा.डा. राम अवतार यादव जीक प्रमुख आतिथ्यमे बालुवाटार, काठमाण्डूमे मैथिली साहित्यिक गोष्ठी सम्पन्न भेल अछि । कार्यक्रममे साहित्यकार धीरेन्द्र प्रेमर्षि मन्तव्य व्यक्त करैत कहलनि जे राज्य मैथिलीप्रति सदति पूर्वाग्रही रहल अछि । तहिना प्रा.डा. राम अवतार यादव कहलनि जे मैथिली संकट अवस्थामे रहितो जीवित अछि । मैथिलीकेँ लेल कतेक काज केलहुँ से महत्वपूर्ण नै, काजक स्तरीयता महत्वपूर्ण हए छै । कार्यक्रममे रूपा झा, विजय दत्त, विनीत ठाकुर, श्याम शेखर झा लगायतकेँ सर्जक सभ अपन रचना प्रस्तुत केने छल । कार्यक्रमक ब्यवस्थापन निराजन झा एवं संचालन आ आयोजन कुन्दन कुमार कर्ण केने छल । कार्यक्रमक सम्पूर्ण विवरण तस्वीरमे