सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

संदेश

मई, 2017 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

विशेष

प्रदेश-2 में फिर उपजा भाषा विवाद (हिन्दी अनुवाद)

केंद्र में सरकार बदलने से प्रदेश 2 भी अछूता नहीं रहा। परिणामस्वरूप, एक मंत्री और एक राज्य मंत्री के साथ नेकपा माओवादी (केंद्र) भी सरकार में शामिल हो गयी। माओवादी केंद्र की ओर से भरत साह ने आंतरिक मामला और संचार मंत्री के रूप में शपथ ली और रूबी कर्ण ने उसी मंत्रालय में राज्य मंत्री के रूप में शपथ ली। इससे पहले दोनों मंत्रियों ने अपनी मातृभाषा मैथिली में शपथ लेने का स्टैंड लिया था। पद की शपथ लेने के तुरंत बाद उन्होंने अफसोस जताया कि कानून में कमी के कारण वे अपनी मातृभाषा मैथिली में शपथ नहीं ले सके और कहा कि शपथ की भाषा पर असहमति के कारण शपथ ग्रहण समारोह में देरी हुई। लेकिन शपथ लेने के तुरंत बाद उन्होंने मातृभाषा में शपथ लेने पर अध्यादेश लाने की प्रतिबद्धता भी जताई। दोपहर तीन बजे दोनों मंत्रियों का शपथ ग्रहण होना था। लेकिन भाषा विवाद के चलते यह कार्यक्रम दोपहर 4 बजे शुरू हो सका। इनलोगों ने मैथिली भाषा में लिखा एक प्रतीकात्मक शपथ पत्र भी प्रदेश 2 के प्रमुख राजेश झा को सौंपा था। मातृभाषा मैथिली के प्रति प्रेम और स्नेह को लेकर प्रदेश 2 में चर्चा में आए मंत्री साह ने एक सप्ताह पहले एक कार्यक्
बाग नै पूरा बस एक टा गुलाब चाही हो भरल नेहक खिस्सासँ से किताब चाही लोक जिनगी कोना एसगर बिता दए छै एक संगीके हमरा तँ संग आब चाही दर्दमे सेहो मातल हिया रहै निशामे साँझ पडिते बोतलमे भरल शराब चाही मोनमे मारै हिलकोर किछु सवाल नेहक वास्तविक अनुभूतिसँ मोनके जवाब चाही सोचमे ओकर कुन्दन समय जतेक बीतल  आइ छन-छनके हमरा तकर हिसाब चाही 2122-2221-212-122 © कुन्दन कुमार कर्ण

बाल गजल: गामक बूढ हमर नानी

बाल गजल

गामक बूढ हमर नानी छै ममतासँ भरल खानी पूजा पाठ करै नित दिन दुखिया लेल महादानी खिस्सा खूब सुनाबै ओ राजा कोन रहै रानी भोरे भोर उठा दै छै सुधरै जैसँ हमर बानी नम्हर छोट सभक आगू कहलक बनि क' रहू ज्ञानी 2221-1222 © कुन्दन कुमार कर्ण www.kundanghazal.com