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नवंबर, 2021 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

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गजल : देखू लाठीयेक सब ठां शोर भेल छै

देखू लाठीयेक सब ठां शोर भेल छै लोकतन्त्रेमे कलम कमजोर भेल छै ककरा पर करतै भरोसा आमलोक सब कुर्सी पबिते सैह देखू चोर भेल छै बस्ती बस्ती छै चलल परिवर्तनक लहरि आइ शोणित लोककें इन्होर भेल छै एक टा सब्जी कते दिन खाइते रहत नव सुआदक लेल लोकक जोर भेल छै चान‌ दिस ताकै गगनमे आब के कहू दूरभाषे यन्त्र मनुषक खोर भेल छै ऽ।ऽऽ - ऽ।ऽऽ - ऽ।ऽ - ।ऽ © कुन्दन कुमार कर्ण Kundan Kumar Karna

गजलः आइ बदरीमे नजरि एलै तस्वीर तोहर

आइ बदरीमे नजरि एलै तस्वीर तोहर चानकें सेहो अखड़ि गेलै तस्वीर तोहर तोरे दर्शन लेल पृथ्वीपर परि आबि गेलै इन्द्रलोकोमे असरि भेलै तस्वीर तोहर चेहरा ककरो मिलल नै तोरा चेहरा सन तइयो दुनियाँ भरि नजरि एलै तस्वीर तोहर शंका हेतै शुद्धतापर केओ केने शाइद बीच गंगामे उतरि हेलै तस्वीर तोहर बरखा ठनका ठण्डी गर्मी गगनोमे की–की नै चोट मौसमकें कुहरि झेलै तस्वीर तोहर ऽ।ऽऽ     ऽ।ऽऽ     ऽऽऽ।     ऽऽ © कुन्दन कुमार कर्ण Maithili Ghazal

कौन सी रचना गजल हैं, कौन सी नहीं ? (हिन्दी अनुवाद)

गजल सम्बन्धी नेपाली भाषामे "कुन रचना गजल हो, कुन होइन ?" शीर्षकमे जुलाई, २०२० मे नेपालक राष्ट्रिस्तरकें न्यूजपोर्टल सभमे प्रकाशित भऽ चूकल आलेखक नई उम्मीद मैगजिनमे प्रकाशित हिन्दी अनुवाद- गजलः नव उम्मीदमे प्रकाशित आलेखक हिन्दी अनुवाद - पहिल पृष्ठ गजलः नव उम्मीदमे प्रकाशित आलेखक हिन्दी अनुवाद - दोसर पृष्ठ गजलः नव उम्मीदमे प्रकाशित आलेखक हिन्दी अनुवाद - तेसर पृष्ठ