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मार्च, 2015 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

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प्रदेश-2 में फिर उपजा भाषा विवाद (हिन्दी अनुवाद)

केंद्र में सरकार बदलने से प्रदेश 2 भी अछूता नहीं रहा। परिणामस्वरूप, एक मंत्री और एक राज्य मंत्री के साथ नेकपा माओवादी (केंद्र) भी सरकार में शामिल हो गयी। माओवादी केंद्र की ओर से भरत साह ने आंतरिक मामला और संचार मंत्री के रूप में शपथ ली और रूबी कर्ण ने उसी मंत्रालय में राज्य मंत्री के रूप में शपथ ली। इससे पहले दोनों मंत्रियों ने अपनी मातृभाषा मैथिली में शपथ लेने का स्टैंड लिया था। पद की शपथ लेने के तुरंत बाद उन्होंने अफसोस जताया कि कानून में कमी के कारण वे अपनी मातृभाषा मैथिली में शपथ नहीं ले सके और कहा कि शपथ की भाषा पर असहमति के कारण शपथ ग्रहण समारोह में देरी हुई। लेकिन शपथ लेने के तुरंत बाद उन्होंने मातृभाषा में शपथ लेने पर अध्यादेश लाने की प्रतिबद्धता भी जताई। दोपहर तीन बजे दोनों मंत्रियों का शपथ ग्रहण होना था। लेकिन भाषा विवाद के चलते यह कार्यक्रम दोपहर 4 बजे शुरू हो सका। इनलोगों ने मैथिली भाषा में लिखा एक प्रतीकात्मक शपथ पत्र भी प्रदेश 2 के प्रमुख राजेश झा को सौंपा था। मातृभाषा मैथिली के प्रति प्रेम और स्नेह को लेकर प्रदेश 2 में चर्चा में आए मंत्री साह ने एक सप्ताह पहले एक कार्यक्

गजल

अहाँ बिनु नै जी सकब हम अलग रहि करि की सकब हम बिछोड़क ई नोर नैनक बहल कोना पी सकब हम जरल मोनक वेदना ये कते सहि सजनी सकब हम मिलत जे प्रेमक सुईया हिया फाटल सी सकब हम विरहमे नित आब कुन्दन बिता नै जिनगी सकब हम बहरे-मजरिअ (1222-2122) © कुन्दन कुमार कर्ण

तस्वीर - हम धीरेन्द्र प्रेमर्षि जीक संग

Kundan Kumar Karna with Dhirendra Premarshi

फेसबुक अवगत - मैथिली सिने संसारमे प्रकाशित अन्तर्वार्ता पर आएल फेसबुक प्रतिकृया

मैथिली सिने संसार पत्रिकाक अगहन/पुष अंकमे प्रकाशित हमर मैथिली गजल विशेष अन्तरवार्ता पर फेसबुक मार्फत प्राप्त किछु महत्वपूर्ण प्रतिकृया :

गजल (होरी/होली विशेष)

Holi Ghazal by Kundan Kumar Karna

गजल (होरी/होली विशेष)

खुशीक अनेक रंग सब पर बरसै हँसीक इजोर संग जिनगी चमकै अबीर गुलाल बीच फगुआ शोभै गुलाब समान देह गम-गम गमकै उमंग हियासँ नै घटै कहियो धरि बसन्त बहार अंगना घर टहलै मिलान जुलान केर पावनि थिक ई दरेग दयाक चाहमे सब बहकै विरान जकाँ रहब हमहुँ नै कुन्दन हमर जँ सिनेह लेल केओ तरसै मात्राक्रम : 121-121-2122-22 © कुन्दन कुमार कर्ण

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Kundan Kumar Karna