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फ़रवरी, 2015 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

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परिपक्व होइत मैथिली गजल: समीक्षा

ई कहब से कोनो अतिशयोक्ति नहिं जे 'मैथिली गजल' किछु साल पूर्व टिकुले रहए आइ बेस कोशा बनि तैयार भ ऽ  रहल छैक फल देबा लेल, तहियो में जँ सहजता पूर्वक मैथिलीक अपन गजलशाश्त्र भेटि जाए अन्चिनहार आखरक रूपमे तखन गजल लेल बेसी मेहनति क ऽ  खगते नहिं रहि जाइत छैक । अन्चिनहार आखरक रूपमे ई एकटा एहेन गजलशाश्त्र भेटल अछि जे मैथिली गजलकेँ अरबी, फारसी ओ उर्दू गजलक समकक्ष पहुँचेबामे समर्थ सिद्ध भ ऽ  रहल अछि। मैथिली गजलक एकटा सुप्र सिद्ध नाम जे भारत सँ ल ऽ  क ऽ  नेपाल धरि अपन गजलसँ श्रोताक माँझ एकटा भिन्न छाप छोड़निहार गजलकार श्री 'कुन्दन कुमार कर्ण' जी केँ किछु गजल- kundangajal.com केर माध्यम सँ आ किछु हुनक फेसबुकक भीतसँ पढ़बाक मौका भेटैत रहैत अछि जे हमरा लेल सौभाग्यक गप्प छै ।  हुनक किछु गजल पर हम अपन विचार राखि रहल छी । 12 मई 2020 क ऽ  एकटा बाल गजल जे शाइरक अपन वेवसाईटपर प्रेशित कएल गेल छन्हिं जे निम्नलिखित अछिः हमर सुन्नर गाम छै  फरल ओत' आम छै  विपतिमे संसार यौ  प्रकृति जेना बाम छै  निकलि बाहर जाउ नै  बिमारी सभ ठाम छै  सफा आ स्वस्थ्य रहब  तखन कोनो काम छै  जनककें सन्तान हम  जनक

सम्मान - मैथिली सिने संसारद्वरा कएल गेल सम्मान

मैथिली सिने संसार पत्रिकाक तेसर वार्षिकोत्सव आ अन्तराष्ट्रिय मातृ भाषा दिवसक अवसर पर मधेस मिडिया हाउस, काठमाण्डूमे आयोजित समारोहमे मैथिली गजलमे हमर योगदानक कदरस्वरूप नेपाली फिल्मक बरिष्ट कलाकार नीर शाह द्वारा मैथिली सिने संसार दिससँ प्रदान कयल गेल सम्मान ग्रहण करैत

गजल

चाहलौँ जकरा हम जान परानसँ छोड़ि हमरा से चलि गेल गुमानसँ जे कहै जिनगी भरि संग रहब हम से करेजा देलक चीर असानसँ एखनो टटका अछि दर्द हियामे व्यक्त कोना शब्दक करब बखानसँ हम त पुजलौँ प्रेमक बनि कऽ पुजगरी सत धरम पूरा निस्वार्थ इमानसँ जीविते बनि गेलौँ लास जकाँ हम हम त गेलौँ कुन्दन एहि जहानसँ मात्राक्रम : 2122-2221-122 © कुन्दन कुमार कर्ण

अन्तरवार्ता - मैथिली सिने संसार पत्रिकाक अगहन–पुष अंकमे प्रकाशित अन्तरवार्ता

प्रस्तुत अछि लोकप्रिय पत्रिका  मैथिली सिने संसारक अगहन–पुष अंकमे प्रकाशित हमर पूरा अन्तरवार्ता सप्तरी जिल्लाक एक साधारण परिवारमे जन्मल गजलकार कून्दन कुमार कर्ण कम समयमे बेसी चर्चित भेनिहार युवा गजलकार छी । कनिये टासँ मैथिली साहित्यमे कमल चला रहल कुन्दन अत्यन्त प्रतिभाशाली व्यक्ति छथि । श्री जनता माध्यमिक विद्यालय, खुरहुरीयासँ विद्यालय शिक्षा आर्जन कऽ श्री महेन्दविन्देश्वरी बहुमुखी क्याम्पस, राजविराजसँ ब्यवस्थापनमे स्नातक केनिहार ई नेपाल सरकारक निजामती सेवामे सेहो कार्यरत छथि । विद्यालय जीवन कालसँ गजल रचना सुरु कऽ एखन धरि दर्जनौ गजल रचना कऽ चूकल अछि । हुनकर गजल आ शाइरीसँ मिथिलाक हजारौ युवा प्रभावित छथि । पछिला किछु बरिससँ सामाजिक सञ्जालमे बेसी सकृयताक संग अपन रचना सभ सार्वजनिक करैत आबि रहल हुनकर नेपाल आ भारत दुन्नू देशेमे प्रशंसक सभ छथि । मुदा हनुका एतऽ धरि आबैमे की ? केहन ? कतेक ? संघर्ष करऽ पडलै एहि सम्बन्धमे सुनी “मैथिली सिने संसार”क प्रतिनिधि कमल मण्डल संग भेल हुनकर गप्प सप्प । ▶ अहाँ गजल रचनाक क्षेत्रमे कोना प्रवेश केलहुँ ? – कनिये टासँ साहित्य, गीत आ संगीतमे हमर रुची

प्रेम दिवस विशेष पोष्ट कार्ड

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कविता - जवानी

Short Poem - Jawaani By : Kundan Kumar Karna