मैथिली गजल प्रबर्धनके लेल 28 डिसेम्बर 2025 सँ 'मैथिली गजल पाठशाला' शुरू कएल गेल अछि । वाट्स ऐपपर शुरू भेल एहि पाठशालासँ मैथिली गजलमे नव गजलकार सभक प्रवेश हेतै से विश्वास लेल गेल अछि । पाठशालामे अभ्यर्थी सभक संख्या उत्साहजनक रूपमे निरन्तर बढि रहल छै । एखन धरि ६० सँ बेसी अभ्यर्थी सब सकृयतापूर्वक अभ्यास कऽ रहल छथि । पाठशालामे सहजकर्ताक रूपमे प्रशिक्षण कार्यमे आशीष अनचिनहार, कुन्दन कुमार कर्ण आ अभिलाष ठाकुर उल्लेखनीय काज कऽ रहल छथि । गजलमे नव आगन्तु सभक लेल मैथिली गजल नि:शुल्क सिखबाक सुअवसर अछि ई पाठशाला । पाठशालामे प्रत्येक दिन क्रमबद्ध तरिकासँ अभ्यास भऽ रहल छै आ अभ्यर्थी सभके प्रशिक्षक सभद्वारा प्रभावकारी पृष्ठपोषण प्रदान कएल जा रहल छै । जँ मैथिली गजल सिखबामे अहूँके रुची अछि त निच्चा देल QR स्कैन करि वा लिंकपर जा कऽ पाठशालामे सहभागी भऽ सकै छी । QR लिंक एहिपर क्लीक करि 'मैथिली गजल पाठशाला'सँ जुटू
चाहलौँ जकरा हम जान परानसँ
छोड़ि हमरा से चलि गेल गुमानसँ
छोड़ि हमरा से चलि गेल गुमानसँ
जे कहै जिनगी भरि संग रहब हम
से करेजा देलक चीर असानसँ
एखनो टटका अछि दर्द हियामे
व्यक्त कोना शब्दक करब बखानसँ
हम त पुजलौँ प्रेमक बनि कऽ पुजगरी
सत धरम पूरा निस्वार्थ इमानसँ
जीविते बनि गेलौँ लास जकाँ हम
हम त गेलौँ कुन्दन एहि जहानसँ
मात्राक्रम : 2122-2221-122
© कुन्दन कुमार कर्ण
से करेजा देलक चीर असानसँ
एखनो टटका अछि दर्द हियामे
व्यक्त कोना शब्दक करब बखानसँ
हम त पुजलौँ प्रेमक बनि कऽ पुजगरी
सत धरम पूरा निस्वार्थ इमानसँ
जीविते बनि गेलौँ लास जकाँ हम
हम त गेलौँ कुन्दन एहि जहानसँ
मात्राक्रम : 2122-2221-122
© कुन्दन कुमार कर्ण
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