सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

संदेश

मई, 2020 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

विशेष

प्रदेश-2 में फिर उपजा भाषा विवाद (हिन्दी अनुवाद)

केंद्र में सरकार बदलने से प्रदेश 2 भी अछूता नहीं रहा। परिणामस्वरूप, एक मंत्री और एक राज्य मंत्री के साथ नेकपा माओवादी (केंद्र) भी सरकार में शामिल हो गयी। माओवादी केंद्र की ओर से भरत साह ने आंतरिक मामला और संचार मंत्री के रूप में शपथ ली और रूबी कर्ण ने उसी मंत्रालय में राज्य मंत्री के रूप में शपथ ली। इससे पहले दोनों मंत्रियों ने अपनी मातृभाषा मैथिली में शपथ लेने का स्टैंड लिया था। पद की शपथ लेने के तुरंत बाद उन्होंने अफसोस जताया कि कानून में कमी के कारण वे अपनी मातृभाषा मैथिली में शपथ नहीं ले सके और कहा कि शपथ की भाषा पर असहमति के कारण शपथ ग्रहण समारोह में देरी हुई। लेकिन शपथ लेने के तुरंत बाद उन्होंने मातृभाषा में शपथ लेने पर अध्यादेश लाने की प्रतिबद्धता भी जताई। दोपहर तीन बजे दोनों मंत्रियों का शपथ ग्रहण होना था। लेकिन भाषा विवाद के चलते यह कार्यक्रम दोपहर 4 बजे शुरू हो सका। इनलोगों ने मैथिली भाषा में लिखा एक प्रतीकात्मक शपथ पत्र भी प्रदेश 2 के प्रमुख राजेश झा को सौंपा था। मातृभाषा मैथिली के प्रति प्रेम और स्नेह को लेकर प्रदेश 2 में चर्चा में आए मंत्री साह ने एक सप्ताह पहले एक कार्यक्
© कुन्दन कुमार कर्ण

बाल गजल

बाल गजल

खूब खाउ यौ बौआ  खूब गाउ यौ बौआ सूति उठि सबेरेमे  नित नहाउ यौ बौआ खेतमे चलू खेलब संग आउ यौ बौआ अंगनासँ बाहर जा नै सताउ यौ बौआ भूत सूत किछु नै छै डर भगाउ यौ बौआ  दाँत बड्ड उज्जर अछि मुस्कुराउ यौ बौआ आइ फेर कुन्दनकें लग बजाउ यौ बौआ फाइलुन्-मफाईलुन् © कुन्दन कुमार कर्ण

बाल गजल

बाल गजल

प्रकृति केर लीला अदभूत टिकल केहनो नै मजगूत चलल पूरबा छै धुरझार हवामे उड़ल टिकली फूत सजल छै समुच्चा संसार विधाताक रचना अजगूत कहल गेल बालक अवतार मनुष भूमि पर दैवक दूत उठब भिनसरे भोरे भोर समय पर हमर बौआ सूत उगल रवि किरण बदरी चीर गगनमे परम छवि साबूत लगनशील रहबै सब दिन जँ सफलता मिलत मिथिला पूत फऊलुन्-फऊलुन्-मफ़ऊल © कुन्दन कुमार कर्ण

बाल गजल

बाल गजल

हमर सुन्नर गाम छै फरल ओतऽ आम छै विपतिमे संसार यौ प्रकृति जेना बाम छै निकलि बाहर जाउ नै बिमारी सब ठाम छै सफा आ स्वस्थ्य रहब तखन कोनो काम छै जनककें सन्तान हम जनकपुर सन धाम छै अयोध्या छै घर जकर तकर नाओ राम छै कलम किनि दिअ ने लिखब बहुत सस्ता दाम छै मफाईलुन-फाइलुन © कुन्दन कुमार कर्ण