सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

संदेश

मार्च, 2016 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

विशेष

शुरू भेल 'मैथिली गजल पाठशाला'

मैथिली गजल प्रबर्धनके लेल 28 डिसेम्बर 2025 सँ 'मैथिली गजल पाठशाला' शुरू कएल गेल अछि । वाट्स ऐपपर शुरू भेल एहि पाठशालासँ मैथिली गजलमे नव गजलकार सभक प्रवेश हेतै से विश्वास लेल गेल अछि । पाठशालामे अभ्यर्थी सभक संख्या उत्साहजनक रूपमे निरन्तर बढि रहल छै । एखन धरि ६० सँ बेसी अभ्यर्थी सब सकृयतापूर्वक अभ्यास कऽ रहल छथि । पाठशालामे सहजकर्ताक रूपमे प्रशिक्षण कार्यमे आशीष अनचिनहार, कुन्दन कुमार कर्ण आ अभिलाष ठाकुर उल्लेखनीय काज कऽ रहल छथि । गजलमे नव आगन्तु सभक लेल मैथिली गजल नि:शुल्क सिखबाक सुअवसर अछि ई पाठशाला । पाठशालामे प्रत्येक दिन क्रमबद्ध तरिकासँ अभ्यास भऽ रहल छै आ अभ्यर्थी सभके प्रशिक्षक सभद्वारा प्रभावकारी पृष्ठपोषण प्रदान कएल जा रहल छै । जँ मैथिली गजल सिखबामे अहूँके रुची अछि त निच्चा देल QR स्कैन करि वा लिंकपर जा कऽ पाठशालामे सहभागी भऽ सकै छी । QR लिंक एहिपर क्लीक करि 'मैथिली गजल पाठशाला'सँ जुटू

गजल

Tirhuta Lipi

गजल

रे हिया हमरा एतेक मजबूर नै कर चाहमे ककरो हमरेसँ तूँ दूर नै कर एकटा कित्ता अछि मोन सौँसे हमर ई बाँटि टुकड़ी-टुकड़ीमे अलग धूर नै कर काँच कोमल आ नवका जुआनी चढल छै आगि यादक यौवनमे लगा घूर नै कर एक त प्रेमक खातिर पिआसल रहै छी ताहि पर आरो उकसाक आतूर नै कर भागमे ककरा कुन्दन लिखल सब रहै छै कल्पनामे डुबि एना मोनके झूर नै कर 212-2222-122-122 © कुन्दन कुमार कर्ण

अन्तरवार्ता - रेडियो नेपाल

22 फरवरी, 2016 के रेडियो नेपालमे प्रत्यक्ष प्रसारित हमर अन्तरवार्तासँ सम्बन्धित किछु चित्र