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मई, 2016 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

विशेष

हलिउड/इङ्गलिश फिल्मक गीतमे मिटर (छन्द/बहर)

मा त्र हिन्दी फिल्ममे नै इङ्गलिश फिल्मी गीत सबमे सेहो मिटरक भरपूर प्रयोग भेल छै । निच्चा देखू हलिउडक सुपर डुपर हिट फिल्मक अतिलोकप्रिय गीत जे कि गीतक दुनियामे बहुतो रेकर्ड कायम करैत रेकर्डिङ्ग इन्डस्ट्री एशोसियन अफ अमेरिकाद्वारा शताब्दीक गीत ( song of the century ) मे समावेश भेल छै । एहि गीतक मुखडा आ मुखडाक पैटर्न जतए दोहराएल छै ततए एक किसिमक ( 6-6-8-6-6- ) आओर अन्तरा आ अन्तराक पैटर्न जतए दोहराएल छै ततए एक किसिमक ( 7-9-7-6-8 ) शब्दांश संख्या (syllable count) , अर्थात मुखडा आ अन्तरामे दू अलत - अलग मिटरक प्रयोग भेल छै । Movie: Titanic (1997) Lyrics: Will Jennings Vocal: Celine Dion Music: James Horner   Titanic movie poster image Every night in my dreams I see you, I feel you, That is how I know you go on Far across the distance And spaces between us You have come to show you go on Near, far, wherever you are I believe that the heart does go on Once more you open the door And you're here in my heart And my heart will go on and on Love can touch us o...

बाल गजल

फूल पर बैस खेलै छै टिकली डारि पर खूब कूदै छै टिकली Picture - www.google.com भोर आ साँझ नित दिन बारीमे गीत गाबैत आबै छै टिकली लाल हरिअर अनेको रंगक सभ देखमे नीक लागै छै टिकली पाँखि फहराक देखू जे उडि-उडि दूर हमरासँ भागै छै टिकली नाचबै हमहुँ यौ कुन्दन भैया आब जेनाक नाचै छै टिकली मात्रक्रम : 212-2122-222 © कुन्दन कुमार कर्ण

गजल

जनतन्त्रमे जन राज्यसँ डेरा रहल छै                                     अपने चुनल सरकारसँ पेरा रहल छै कानूनमे अधिकार मुदा काजमे नै स्वतन्त्रता अभ्याससँ हेरा रहल छै ठेकान नै कुर्सीक कखन के लऽ जेतै सत्ताक भागी जल्दिसँ फेरा रहल छै अन्याय अत्याचारसँ पीडित गरीबे नेताक चक्रव्यूहसँ घेरा रहल छै ककरासँ जनता आब करत कोन उल्हन रक्षक सभक बन्दूकसँ रेरा रहल छै सेनूर मेटा गेल कतेकोक कुन्दन सरकार नै लोकसँ टेरा रहल छै 2212-221-122-122 © कुन्दन कुमार कर्ण www.kundanghazal.com

चर्चा परिचर्चा

हम नै आलोचक छी । नै समालोचक छी । आ हुनका सभहँक जागिर सेहो छिनऽ नै चाहै छी । तथापि एकटा सर्जककेँ हिसाबसँ मैथिल साहित्यक चर्चित नाऔं सियाराम झा 'सरस' जीक लिखल गजल संग्रहपर संक्षेपमे आइ किछु चर्चा करऽ चाहब । तँ पहिने सरला प्रकाशनद्वारा सन् 1989 मे प्रकाशित कएल गेलह हुनक गजल संग्रह "शोणितायल पैरक निशान"के देखि- एहि संग्रहमे कुल ४८टा गजल छै । जकरा आजाद गजलक श्रेणीमे राखि पढल जा सकैछ । किछु गजल भावक दृष्टिकोणे तँ महत्वपूर्ण छहिए किछु शेर सेहो हृदयकेँ छूअवला छै । जेना बतीसम् गजलक ई मतला देखू- फूलवन मे एक भँवरा युग युग सँ रहए पियासल जनु भोजक खास भडारी रहि जाय निखण्ड उपासल पोथीमे 'गजले किएक ?' विषयपर 6 पेज खर्च कए लिखल गेल छै मुदा 'गजले किएक ?' तकर तथ्यपरक तर्क नै भेट सकल । बहरक निर्वहन तँ दूरक बात संग्रहक अधिकांश गजलमे गजलक आधारभुत निअम पालन नै कएल गेल छै । जेना गजल संख्या 2, 3, 8, 11, 14, 15, 18, 21, 23, 24, 25, 26, 27, 30, 35, 36, 45, 46, 47, 48 लगायतके गलजमे काफिया दोष तँ छहिए, बहुत रास गजलमे काफिया आ रदिफक ठेकान नै । ढेर रास शेरकेँ अर्थ सेहो अस्पष्ट बुझाइ...

गजल

बिनु पुछने हृदयसँ ककरो लगाबऽ चलल छलौँ हम अनचिन्हार गाममे घर बनाबऽ चलल छलौँ हम कारोबार एहि जिनगीक सुखसँ चलाबऽ खातिर नेहक लेल मोल अपने घटाबऽ चलल छलौँ हम चिन्हब लोककेँ कठिन अछि भरमसँ भरल जगतमे बुझि कांटेक फूल हियामे सजाबऽ चलल छलौं हम अपनो छाहपर जखन नै भरोस रहल मनुषकेँ दोसरकेँ तखन हियामे बसाबऽ चलल छलौं हम भगवानक दयासँ कुन्दन कपार हमर सही छल अपने घेंचकेँ अनेरो कटाबऽ चलल छलौं हम 2221-2122-12112-122 © कुन्दन कुमार कर्ण