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  1. हमरा देखिते ओ लजा गेलै
    जादू नेहकेँ ओ चला गेलै

    भेलै कात नै ई नजरि कनियो
    चुप्पे चाप नैनसँ बजा गेलै

    रहितो दूर देहसँ हमर जे ओ
    छातीमे बुझायल सटा गेलै

    अनचिन्हार छल ओ मुदा एखन
    सदिखन लेल अप्पन बना गेलै

    कुन्दन केर ओ मानिकेँ जिनगी
    कोमलसन हियामे बसा गेलै

    मात्रा क्रम : 2221-2212-22

    © कुन्दन कुमार कर्ण
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