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  1. कता

    Tuesday, June 10, 2014

    निखरल चेहरा गदरल जवानी
    कोमल देह लागै शुद्ध चानी
    कोना नै बहकतै देख ई हिय
    रसगर ठोरपर टघरैत पानी

    © कुन्दन कुमार कर्ण
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