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  1. कता

    Saturday, October 4, 2014

    अहाँ गोर हम कारी छी
    मुदा एक टा प्राणी छी

    सजत रूप नै हमरा बिनु
    अहाँ देह हम सारी छी

    रहब नै अलग कखनो जुनि
    अहाँ ठोर हम लाली छी

    चलत साँस नै एको छन
    अहाँ माँछ हम पानी छी

    कहू आर की यौ कुन्दन
    अहाँ फूल हम माली छी

    मात्राक्रम : 1221-2222

    © कुन्दन कुमार कर्ण
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