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  1. हमरासँ प्रिय नै रूसल करू
    बेगरता मोनक बूझल करू

    बनि नेहक सुन्नर सन फूल नित
    मोनक बगियामे फूलल करू

    जखने देखै छी हमरा कतहुँ
    तखने हँसि लगमे रूकल करू

    जीवन संगी हमरे मानि जुनि
    आत्मामे बैसा पूजल करू

    काइल की हेतै मालूम नै
    एखन कुन्दनमे डूबल करू

    मात्राक्रम : 2222-22212

    © कुन्दन कुमार कर्ण
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