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  1. खुशीक अनेक रंग सब पर बरसै
    हँसीक इजोर संग जिनगी चमकै

    अबीर गुलाल बीच फगुआ शोभै
    गुलाब समान देह गम-गम गमकै

    उमंग हियासँ नै घटै कहियो धरि
    बसन्त बहार अंगना घर टहलै

    मिलान जुलान केर पावनि थिक ई
    दरेग दयाक चाहमे सब बहकै

    विरान जकाँ रहब हमहुँ नै कुन्दन
    हमर जँ सिनेह लेल केओ तरसै

    मात्राक्रम : 121-121-2122-22

    © कुन्दन कुमार कर्ण
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