Rss Feed
  1. गजल

    Thursday, September 14, 2017

    हटितो नै देरी
    सटितो नै देरी

    सत्ताके खातिर
    कटितो नै देरी

    छन भरिमे दुनिया
    बटितो नै देरी

    बढ़लाहा टिरबी
    घटितो नै देरी

    निष्ठा जे जागल
    डटितो नै देरी

    लड़की हो चंचल
    पटितो नै देरी

    संकटमे कोढिया
    खटितो नै देरी

    देहक की निश्चित
    लटितो नै देरी

    नवका छै कपड़ा
    फटितो नै देरी

    बिसरल नाओके
    रटितो नै देरी

    ओ हियमे कुन्दन
    अटितो नै देरी

    22-222

    © कुन्दन कुमार कर्ण
    Reactions: 
    |
    |


  2. 0 comments:

    Post a Comment