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  1. बाल गजल

    Saturday, February 10, 2018

    पापा यौ चकलेट खेबै
    कनिये नै भरिपेट खेबै

    छुछ्छे कोना नीक लगतै
    नमकिन बिस्कुट फेंट खेबै

    हमहीं टा नै एसगर यौ
    संगी सभके भेंट खेबै

    मानब एके टासँ नै हम
    पूरा दू प्याकेट खेबै

    कुन्दन भैया आबि जेथिन
    बांकी ओही डेट खेबै

    222-221-22

    © कुन्दन कुमार कर्ण
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