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  1. गजल

    Sunday, January 3, 2021

    साँच बजलासँ मारल गेलियै 
    देश दुनियाँसँ बारल गेलियै 

    स्वार्थ जेना सफल भेलै जकर 
    तकरा लग तेना धारल गेलियै 

    ओकरा जीतकें छल लोलसा 
    ओकरे लेल हारल‌ गेलियै 

    फूल फल आ हवा देलौं मुदा 
    जड़िसँ हमहीं उखारल गेलियै 

    नग्नकें बीच 'कुन्दन' वस्त्रमे 
    दोषी देखा उघारल गेलियै 

    2122-122-212 

    © कुन्दन कुमार कर्ण

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