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मार्च, 2015 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

विशेष

शुरू भेल 'मैथिली गजल पाठशाला'

मैथिली गजल प्रबर्धनके लेल 28 डिसेम्बर 2025 सँ 'मैथिली गजल पाठशाला' शुरू कएल गेल अछि । वाट्स ऐपपर शुरू भेल एहि पाठशालासँ मैथिली गजलमे नव गजलकार सभक प्रवेश हेतै से विश्वास लेल गेल अछि । पाठशालामे अभ्यर्थी सभक संख्या उत्साहजनक रूपमे निरन्तर बढि रहल छै । एखन धरि ६० सँ बेसी अभ्यर्थी सब सकृयतापूर्वक अभ्यास कऽ रहल छथि । पाठशालामे सहजकर्ताक रूपमे प्रशिक्षण कार्यमे आशीष अनचिनहार, कुन्दन कुमार कर्ण आ अभिलाष ठाकुर उल्लेखनीय काज कऽ रहल छथि । गजलमे नव आगन्तु सभक लेल मैथिली गजल नि:शुल्क सिखबाक सुअवसर अछि ई पाठशाला । पाठशालामे प्रत्येक दिन क्रमबद्ध तरिकासँ अभ्यास भऽ रहल छै आ अभ्यर्थी सभके प्रशिक्षक सभद्वारा प्रभावकारी पृष्ठपोषण प्रदान कएल जा रहल छै । जँ मैथिली गजल सिखबामे अहूँके रुची अछि त निच्चा देल QR स्कैन करि वा लिंकपर जा कऽ पाठशालामे सहभागी भऽ सकै छी । QR लिंक एहिपर क्लीक करि 'मैथिली गजल पाठशाला'सँ जुटू

गजल

अहाँ बिनु नै जी सकब हम अलग रहि करि की सकब हम बिछोड़क ई नोर नैनक बहल कोना पी सकब हम जरल मोनक वेदना ये कते सहि सजनी सकब हम मिलत जे प्रेमक सुईया हिया फाटल सी सकब हम विरहमे नित आब कुन्दन बिता नै जिनगी सकब हम बहरे-मजरिअ (1222-2122) © कुन्दन कुमार कर्ण

तस्वीर - हम धीरेन्द्र प्रेमर्षि जीक संग

Kundan Kumar Karna with Dhirendra Premarshi

फेसबुक अवगत - मैथिली सिने संसारमे प्रकाशित अन्तर्वार्ता पर आएल फेसबुक प्रतिकृया

मैथिली सिने संसार पत्रिकाक अगहन/पुष अंकमे प्रकाशित हमर मैथिली गजल विशेष अन्तरवार्ता पर फेसबुक मार्फत प्राप्त किछु महत्वपूर्ण प्रतिकृया :

गजल (होरी/होली विशेष)

Holi Ghazal by Kundan Kumar Karna

गजल (होरी/होली विशेष)

खुशीक अनेक रंग सब पर बरसै हँसीक इजोर संग जिनगी चमकै अबीर गुलाल बीच फगुआ शोभै गुलाब समान देह गम-गम गमकै उमंग हियासँ नै घटै कहियो धरि बसन्त बहार अंगना घर टहलै मिलान जुलान केर पावनि थिक ई दरेग दयाक चाहमे सब बहकै विरान जकाँ रहब हमहुँ नै कुन्दन हमर जँ सिनेह लेल केओ तरसै मात्राक्रम : 121-121-2122-22 © कुन्दन कुमार कर्ण

हम

Kundan Kumar Karna