सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

विशेष

सात टा गजल संग्रहक आलोचना एक संग

पसरल भ्रम खत्म हेतैः गजलक संदर्भमे विदेहक नव अंकमे प्रकाशित आशीष अन्चिन्हारक आलेख 1 अमिताभ बच्चन (Amitabh Bachchan) 2022 मे फेर अपन सुपरहिट क्विज शो ‘कौन बनेगा करोड़पति (Kaun Banega Crorepati)’ सँ टीवीपर एलाह। एहि "कौन बनेगा करोड़पति" केर प्रोमोमे एकटा कंटेस्टेंट अमिताभ बच्चन (Amitabh Bachchan KBC)क सामने हॉट सीटपर बैसल छथि आ बिग बी कंटेस्टेंटसँ सवाल कऽ रहल छथिन। बिग बी कंटेस्टेंटसँ पूछै छथिन- ‘एहिमेमेसँ कोन वस्तुमे जीपीएस केर टेक्नोलॉजी लागल छै?’ एहि संगे बच्चन जी कंटेस्टेंटकेँ चारिटा ऑप्शन दै छथिन। अमिताभ बच्चन एहि सवालक जवाब के लिए ऑप्शन दैत छथिन- ‘A) टाइपराइटर, B) टेलीविजन, C) सैटेलाइट, D) 2 हजारक नोट.’ सामने बैसल कंटस्टेंट एहि प्रश्नक जवाबमे D ऑप्शन यानी 2 हजारक नोटकेँ चुनैत छथि। एहिपर बिग बी कहलखिन जे ई जवाब गलत अछि मुदा कंटेस्टेंटकेँ एहिपर विश्वास नै होइत छै। ओ कहै छै ‘अहाँ हमरा संग मजाक (प्रैंक) कऽ रहल छी ने" एहिपर बिग बी कहैत छथिन जे अहाँक उत्तर सचमे गलत अछि। कंटेस्टेंट फेर कहै छनि जे हम न्यूजमे तँ इएह देखने रहियै तँ एहिमे हमर कोन गलती? गलती तँ पत्रकार सभहक छै।

गजल: ओ दर्द देलकै मुदा कनियों इलाज नै देलक

ओ दर्द देलकै मुदा कनियों इलाज नै देलक
पद पैसा आ प्रतिष्ठा कतौ आइ काज नै देलक

कहबाक लेल लोक बहुत छै उदार बस्तीमे
तड़पैत रहलियै मुदा केओ अवाज नै देलक

छै शिक्षा स्वास्थ्य कृषिसँ विमुख सरकार
सीमेन्टकें शहर त बनेलक समाज नै‌ देलक

हमरासँ लैत गेल अपन बूझि दैत गेलौं हम
ओ मूर देत की जे सुपतकें बियाज नै देलक

कत-कतसँ शब्द खोजि अनेकौ गजल सजेलौं हम
संगीत केर आश‌ जकर सेहो साज नै देलक

मात्राक्रम: 2212-12112-2121-222

© कुन्दन कुमार कर्ण


कुन्दन कुमार कर्ण

टिप्पणियाँ

लोकप्रिय लेख/रचना

गजल: जदी छौ मोन भेटबाक डेग उठा चलि या

जदी छौ मोन भेटबाक डेग उठा चलि या हियामे चोट आ बदनमे आगि लगा चलि या छियै हम ठाढ़ एहि पार सात समुन्दरकें हियामे प्रेम छौ त आइ पानि सुखा चलि या जरै हमरासँ लोकवेद हार हमर देखि भने हमरा हराक सभकें‌ फेर जरा चलि या बरेरी पर भऽ ठाड़ हम अजान करब प्रेमक समाजक डर जँ तोरा छौ त सभसँ नुका चलि या जमाना बूझि गेल छै बताह छियै हमहीं समझ देखा कनी अपन सिनेह बचा चलि या 1222-1212-12112-22 © कुन्दन कुमार कर्ण

गजल

कर्ममे एना रमा जाउ संगी स्वर्गमे सिड़ही लगा जाउ संगी भेटलै ककरा कथी मेहनत बिनु बाट गन्तव्यक बना जाउ संगी नै घृणा ककरोसँ नै द्वेष राखू नेह चारु दिस बहा जाउ संगी चित्तमे सुनगत अनेरो जँ चिन्ता धूँइयामे सब उड़ा जाउ संगी ठेस लागल ओकरे जे चलल नित डेग उत्साहसँ बढा जाउ संगी किछु करु हो जैसँ कल्याण लोकक नाम दुनियामे कमा जाउ संगी ओझरी छोड़ाक जिनगीक आबो संग कुन्दनके बिता जाउ संगी फाइलुन–मुस्तफइलुन–फाइलातुन © कुन्दन कुमार कर्ण

कौन सी रचना गजल हैं, कौन सी नहीं ? (हिन्दी अनुवाद)

गजल सम्बन्धी नेपाली भाषामे "कुन रचना गजल हो, कुन होइन ?" शीर्षकमे जुलाई, २०२० मे नेपालक राष्ट्रिस्तरकें न्यूजपोर्टल सभमे प्रकाशित भऽ चूकल आलेखक नई उम्मीद मैगजिनमे प्रकाशित हिन्दी अनुवाद- गजलः नव उम्मीदमे प्रकाशित आलेखक हिन्दी अनुवाद - पहिल पृष्ठ गजलः नव उम्मीदमे प्रकाशित आलेखक हिन्दी अनुवाद - दोसर पृष्ठ गजलः नव उम्मीदमे प्रकाशित आलेखक हिन्दी अनुवाद - तेसर पृष्ठ

गजल

एखन हारल नै छी खेल जितनाइ बांकी छै इतिहासक पन्नामे नाम लिखनाइ बांकी छै गन्तव्यक पथ पर उठलै पहिल डेग सम्हारल अन्तिम फल धरि रथ जिनगीक घिचनाइ बांकी छै विद्वानक अखड़ाहामे करैत प्रतिस्पर्धा बनि लोकप्रिय लोकक बीच टिकनाइ बांकी छै लागल हेतै कर्मक बाट पर ठेस नै ककरा संघर्षक यात्रामे नोर पिबनाइ बांकी छै माए मिथिला नै रहितै तँ के जानितै सगरो ऋण माएके सेवा करि कऽ तिरनाइ बांकी छै सब इच्छा आकांक्षा एक दिन छोडिकेँ कुन्दन अन्तर मोनक परमात्मासँ मिलनाइ बांकी छै 2222-2221-221-222 © कुन्दन कुमार कर्ण

मैथिली शायरी